राजस्थान की खारे पानी की झीले-Rajasthan Gk- Gkhelper

राजस्थान की खारे पानी की झीले -khare paani ki jheele

राजस्थान की प्रमुख झीले:
Rajasthan ki jheel
राजस्थान की खारे पानी की झीले-Rajasthan Gk- Gkhelper

झीले दो प्रकार की पाई जाती है -खारे पानी की झीले तथा मीठे पानी की झीले।


खारे पानी की झीले मुख्य रूप से उत्तरी पश्चिमी मरुस्थलीय भाग में पाई जाती है। इस क्षेत्र में टेथिस सागर का अवशेष होना यहां की जिलों के खारेपन का मुख्य कारण है। जो पश्चिम एशिया के मरुस्थल में स्थित पलाया या अर्जेंटीना की साल्टा झीलो के समान है। अरावली के पूरे भाग में पाई जाने वाली झीले मीठे पानी की झीले हैं।

खारे पानी की झीले:-

सांभर झील:-

जयपुर जिले के सांभर में स्थित यह झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। भारत के कुल नमक उत्पादन का 8.7 प्रतिशत यहीं से उत्पादित होता है। इसकी लंबाई दक्षिण पूर्व से उत्तर पश्चिम की ओर लगभग 32 किलोमीटर है तथा चौड़ाई 3 से 12 किलोमीटर है इसका अपवाह क्षेत्र 500 वर्ग किलोमीटर है।यहां उत्तम किस्म का नमक होता है 23 मार्च 1980 को इसे रामसर कन्वेंशन स्थल में सम्मिलित कर लिया गया है।

यह भी देखे:-

डीडवाना झील:-

यह झीले डीडवाना नागौर में स्थित है।जो लगभग 4 किलोमीटर लंबाई में फैली हुई है इस झील में सोडियम लवण बनाया जाता है जिसके लिए राज्य सरकार का सोडियम सल्फेट प्लांट लगा हुआ है।

पंचपदरा झील:-

बालोतरा बाड़मेर में स्थित 25 किलोमीटर में फैली इस झील में उत्तम श्रेणी का नमक उत्पादित होता है जिसमें 98% सोडियम क्लोराइड पाया जाता है। इस झील में खारवाल जाति के लोग मोरली झाड़ी के उपयोग द्वारा नमक के स्फटिक बनाते हैं।

फलौदी झील:-

जोधपुर जिले के फलौदी कस्बे में स्थित है।

अन्य झीले-

लूणकरणसर(बीकानेर),कावोद(जैसलमेर), डेगाना(नागौर),कुचामन(नागौर),रेवासा(सीकर)

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