राजस्थान की मीठे पानी की झीले- Gkhelper Rajasthan Gk

राजस्थान की मीठे पानी की झीले:-

Rajasthan ki jheel
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जयसमंद झील:-

यह मीठे पानी की राजस्थान की सबसे बड़ी व एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।
जयसमंद उदयपुर सन 1685 से 1691 की अवधि में महाराजा जयसिंह द्वारा इसका निर्माण गोमती नदी पर बांध बनाकर किया गया। यह 15 किलोमीटर लंबी व दो से 8 किलोमीटर चौड़ी है। झील का कुल क्षेत्रफल 55 किलो मीटर स्क्वायर है तथा जल संग्रहण क्षमता लगभग 18 किलोमीटर क्षेत्र में स्थित है ।

इस झील में 7 बड़े टापू है जिसमें भील व मीणा रहते हैं बाबा का भागड़ा झील में स्थित सबसे बड़ा टापू है और उससे छोटे का नाम प्यारी है।
इसे ढेबर झील भी कहते हैं।

राजसमंद झील:-

1662 मैं महाराजा रायसिंह द्वारा कांकरोली राजसमंद के निकट निर्मित की गई है। नौचौकी  पाल इस झील की उत्तरी पाल जहां 25 शिलालेखों पर राजसिंह प्रशक्ति उत्तीर्ण है। जिसमे मेवाड़ का इतिहास संस्कृत भाषा में लिखा गया है इस झील में गोमती नदी आकर गिरती है।

पिछोला झील:-

राणा लक्खा के काल में एक बंजारे द्वारा उदयपुर के पश्चिम में पिछोला गांव के निकट यह झील निर्मित कराई गई। महाराणा उदय सिंह ने इसकी मरम्मत कराई थी इसमें दो टापू है जिन पर जग मंदिर तथा जग निवास महल है।

फतेहसागर झील:-

राणा फतेह सिंह द्वारा 1888 में उदयपुर में इसे पुनः निर्मित कराया गया था इस तालाब को महाराणा जयसिंह ने 1687 में थूर के तालाब के साथ ही बनवाया था। यह नहर द्वारा पिछोला झील से जुड़ी हुई है।

उदयसागर झील:-

महाराणा उदयसिंह द्वारा बनाई गई है आयड़ नदी इसमें गिरती है।

नक्की झील:-

यह माउंट आबू सिरोही में रघुनाथ जी के मंदिर के पास स्थित प्राकृतिक झील है। यह राजस्थान की सबसे ऊंची झील है। टोड रॉक व नन रॉक यहां स्थित विशाल चट्टान है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार इसका निर्माण देवताओं द्वारा अपने नाखूनों से खोदकर किया गया था।


आनासागर झील:-

अजमेर में स्थित इस झील का निर्माण पृथ्वीराज चौहान के दादा अर्णोराज (अन्ना जी) ने 1137 में कराया था। इस झील के किनारे सम्राट जहांगीर ने दौलत बाग (सुभाष उद्यान) तथा शाहजहाँ ने बारहदरी (पांच संगमरमर के मंडप का निर्माण करवाया) इसमें भी बांडी नदी का पानी आता है।

पुष्कर झील:-

अजमेर से 11 किलोमीटर दूर पुष्कर में स्थित झील जहाँ हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को विशाल मेला लगता है।पुरानी मान्यताओ के अनुसार इस झील का निर्माण बर्मा जी द्वारा किया गया।

सिलीसेढ़ झील:-

यह अलवर में स्थित है यहां 1845 में अलवर के महाराजा विनय सिंह ने अपनी रानी हेतु एक शाही महल व लॉज बनवाया जो आजकल लेक पैलेस होटल के रूप में चल रहा है।

कोलायत झील:-

बीकानेर में स्थित झील जहां कपिल मुनि का आश्रम स्थित है। यहां प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा को मेला भरता है।

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बालसमंद झील:- 

जोधपुर में स्थित झील का निर्माण 1159 में परिहार शासक बालक राव ने कराया था।

पन्नालाल शाह का तालाब खेतड़ी झुंझुनू:-

इसे 1870 में सेठ पन्ना लाल शाह ने बनवाया था। खेतड़ी के राजा अजीत सिंह के आमंत्रण पर पधारे स्वामी विवेकानंद को इसी तालाब के किनारे बने आवास में ठहराया गया था।

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